mangla

जाग हो कमलापति

जाग हो कमलापति , जाग हो लीला पति |

रतन जडित रूप मंगल कीजे आरती || टेर |

जाग हो देवन के देव , जाग हो भक्तन के भीर |

सुर नर मुनिजन निवावे शीश ||1 जाग हो ||

जागे ब्रम्हा जागे इन्द्र , अरस परस जागे गोविंद |

हरक निरक जागे गोविंद || 2 जाग हो ||

जागे गोपो जागे ग्वाल , जसवन्त आये प्रभु तेरे द्वार |

भक्त जन आये तेरे द्वार ||3|| जाग हो ||

भने त्रिलोकिचंद्र अभय बोल |

तुम ठाकुर हम सेवक हो , जन्म -जन्म रा नौकर हो || 4 || जाग हो |

shringar

श्रृंगार के पद

आओ  मिलो सहेलिया ए निरखो श्री नन्द कुवार |

प्रीत करे ने प्रभु निरख्यो ए , पुरुषोतम प्राण आधार | टेर |

सिंघासन सोहे हरी रे सोहनो ए , हीरे रतन जदय |

बिच बिच चुनियो जिगमिगे ए , ज्यो रो तेज अपार |1|

श्रृंगार सजियो वृज सुंदरी ए , चलो बाबे नन्द रे दरबार

मुक्ता थाल हीरा भरियो ए, बाधाओ श्री मोटो गंगश्याम ||2||

माघवदास री बिनती ए , राखो मोने चरणों रे पास |

माघवदास सदा सुखी ए , दीजो मोने गोकुल रे बास |

दीजो मोने बेकुंठो रो बास , राखो रास लख चोरासी टाल | 3|

मस्तक धरदो हाथ , चित चरणों में राख |

अब तो जनम सुधार , भव सागर में बेडो पार उतार |4|

rajbhog

राजभोग

लालु लाज हमारी रख रे।।टेर।।

औरों के तो लालु बहुत बसीला,

मारे सांवरा थाँरो पख रे।1।

मंडी मे मोटो श्याम विराजे,

दर्षन ने आवे दुनिया लख रे।2।

माखन मिसरी लालु अरोगे,

थोड़ी सो मोरे ही रख रे।3।

गुलाब सागर ऊपर मंदिर आपरो,

अजब झरोखा जालीजखरे।4।

नाजर हरियो कहे कर जोड़ी,

श्याम कियो है मारे सुख रे।5।

sandhya

संध्या 

धडी धडी पल पल छीन छीन हरी री आरतियो मै गाऊं |टेर |

सच्चे प्रेम से संचोऊ आरती , सुरत की जोत लगाऊ |१ |

ह्रदय कमल की खोल किवाड़ी दर्शनया मै पाऊ |२ |

घंटा ताल मृदंग बंसरी , गुन्धरिया धमकाऊ |३ |

कमला कंठ पधारो मेरे मोहन , मिलियो अति सुख पाऊं |४ |

कनक कटोरे भरियो प्रेम सु दूध बाटको लाऊ |५ |

सब भक्तो को आई है विनती , चरणों में शिश्निवाऊ |६ |

आरतियाँ मै गाऊ ओ साँवरो , फेर जन्म नहीं पाऊं |७ |

Choga darshan

छोगा

सुन्दर संवरा हो ब्रज राज छोगो लटके |

गिरधर पातलिया हो गंगश्याम छोगो लटके | टेर |

ओ छोगो गंगश्यामजी ने सोहे सांवरा , बड़ा -बड़ा मुनिजन

हरखे | वारी हो सांवरा बड़ा – बड़ा साधुजन निरखे |1|

द्वारिकारा रेवंनिया सांवरा मंदरिये पधारोरे हाथिड़ोरे हलके

वारी हो सांवरा धोड्लिया रे धमके |2|

मारे मुकुट पीताम्बर सोहे सांवरा मंदरिये पधारोरे हाथिड़ोरे हाथिड़ोरे हलके

वारी हो सांवरा धोड्लिया रे धमके |3|

मारे मुकुट पीताम्बर सोहे सांवरा , कानो में कुंडल चिलके |

चारो हो सांवरा कानो में मोतीडा जलके |4|

मात यशोदाजी रो माखन चोरियों सांवरा , खायग्यो हैं बालों पल में

वारी हो सांवरा खाय गयों बालो छीन में |5|

थाल भरे मोत्यांसू आरती संजोउरे सां. जोऊ मारे गंग. रेलटके

वारी हो सांवरा जोऊ म्हारा छोगाजी रे लटके |6|

नर्सिड़े रो स्वामी सांवरियो बाला , दर्शन देवो माने पल में |

वारी हो सांवरा कारज सारो मोरो छीन में |7|

doodh darshan

दूध

रुच रुच दूध पीवो गंगश्याम || टेर ||

मधुर कोमल वचन कहके प्राण प्रिया के साथ,

ए हो प्राण प्रिय के साथ वारी जाऊ प्राण प्रिया के साथ ,

घणा खमा प्राण प्रिया के साथ || रुच ||१||

कनक कटोरो भरियो अमृत दियो ललित दुलारी जी रे हाथ,

प्याला लड़जी रे हाथ | लाड़ली अचछवाय पहले पीच आप अरोग ||

एहो,पीच आप अरोग, वारी जाऊ पीछे आप अरोग,

घणा खमा पीछे आप अरोग || रुच ||२||

चन्द्रबली मिल केयो री सजनी निरखत ए मानले,

श्यामा श्याम नवल छबि पर, यशोदा लाडले का युग छबि पर,

लटक धन्य वारी जाऊ | ऐ हा, लटक धन्य वारी जाऊ |

घणा खमा लटक धन्य वारी जाऊ || रुच ||3||

इन् कड़ी ने दोयवार गावणी  है |


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